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Showing posts from March, 2014

आभूषण धारण करने से पूर्व बरतें सावधानी.........

This appeared in one of the leading nationalised magazines .......


आभूषण धारण करने से पूर्व बरतें सावधानी.......



इस बात में तनिक भी संदेह नहीं कि आभूषण हमारे व्यक्तित्व में चार- चाँद लगाते हैं. पर इनसे होने वाली परेशानियों को नज़र अंदाज़ करना उचित नहीं . आभूषणों से होने वाले त्वचा के विकारों की सब से सरल पहचान यह है कि उन का असर प्राय: उसी अंग तक सीमित रहता है, जिस के ये सीधे संपर्क में आते हैं . उदाहरण के लिए , कंठमाला से तकलीफ होती है , तो गले पर ही डर्मेटाइटिस या आर्टिकेरिया के लक्षण उभरते हैं, अंगूठी का असर उंगली पर ही होता है , कांटों या बालियों का कष्ट कानों को ही उठाना पड़ता है , कड़े और चूड़ियां बांहों पर असर दिखाते हैं, बिछिया से पैरों की उंगलियों में तकलीफ हो सकती है. यहाँ तक की कलाई पर पहनी हुई घड़ी भी कई लोगों को तकलीफ दे सकती है. ऐसी तकलीफें सिर्फ  आर्टिफीशियल आभूषणों के साथ हो , यह भी आवश्यक नहीं . स्वर्णकारों द्वारा आभूषणों के निर्माण में इस्तेमाल किया जाने वाला शुद्ध सोना , 18 कैरेट और 14 केरेट सोना जिसमें निकल, तांबा, जस्ता और चाँदी मिली रहती है , 'ज्वेलर्स मेटल' …