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Showing posts from May, 2012

BRIDAL JEWELLERY DESIGNS COLLECTION

ब्राइडल ज्वेलरी के साथ , अपने विवाह को बनाए खास .


विवाह -  एक ऐसा बंधन है जिसमें हर कोई बंध कर अपनी एक नई ज़िंदगी की शुरुआत करना चाहता है।अपने विवाह को लेकर ज्यादातर हर लड़की के अपने कुछ सपने होते हैं, कुछ अरमां होते हैं। और हो भी क्यों न , आखिर ये दिन किसी के जीवन में बार- बार तो आता नहीं। वैसे तो हम स्त्रियाँ हर पल, हर अवसर पर अपनी खूबसूरती के रंग बिखेरती हैं पर कुछ अवसर ऐसे खास होते हैं जिन पर हर एक स्त्री का सौंदर्य उनके चरम पर होता है , विवाह उन अवसरों में एक है। ऐसे में विवाह जैसे हसीन ख्वाब को औरैअधिक रंगीन व यादगार बनाने के लिए हम सभी भरकस प्रयत्न करते हैं , हर महत्वपूर्ण बातों पर गौर फरमाते हैं। छोटी सी छोटी बात पर विशेष मंथन व विचार विमर्श कर ही हर कदम उठाते हैं और बात यदि दुल्हन के लुक की हो तो , दुल्हन के परिधान व गहनों को किसी भी कीमत पर नज़रंदाज नहीं किया जा सकता। आखिर एक दुल्हन के सौंदर्य में चार- चाँद लगाने में इन्हीं की तो सबसे अहम भूमिका होती है.

आज के समय के  परिधानों की बात करें तो लहंगा , घांघरा , साड़ी, गाउन सरीके डिज़ाइनर परिधानों का क्रेज़ बढ़ा है जो परंपरागत लाल रंग…

Ek machhali aur talaab....

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' एक मछली और तालाब ' :: हममें से बहुत से लोग इस मुहावरे से भली - भाँति परिचित हैं कि एक गंदी मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है. कई लोग अपने जीवन में इस मुहावरे का उपयोग एक सीख के तौर पर करते हैं तो कई लोग दूसरों पर टिप्पणी करने हेतु. पर ये निश्चित कौन करेगा कि जिस तालाब को गंदा करने की वजह गंदी मछली बताई जा रही है , असल में गंदी मछली के कारण गंदा  हुआ है या पूरा तालाब ही गंदगी से भरा है. यदि तालाब में पूर्णतया गंदगी ही व्याप्त है तो मछली क्या करे़...... जीवनयापन करने हेतु उतरना तो उस गंदे तालाब में ही पड़ेगा और लाख पवित्र या साफ - सुथरी होने के बावजूद तालाब की गंदगी की तरह उसे भी गंदे होने की त्रासदी सहनी पड़ेगी.
उपरोक्त विवेचना की प्रेरणा का आधार हमारे आधुनिक समाज अर्थात "मॉडर्न ससाइअटि " का घिनौना व दूषित वातावरण है जिसके चलते इस सटीक मुहावरे की परिभाषा ही बदल गई है.

समाज में फैले दूषित , संकीर्ण व तुच्छ मानसिकता वाले लोग जो यथार्थ से परे अपने जीवन को जीते हैं और हमारे समाज में गंद मचाए पड़े हैं और जब प्रश्न उन पर उठता है व उनके चरित्र पर उठता है तो अपने काले- …

KAAVYA RACHNA : APOORVA

copyright©2012Swapnil Shukla.All rights reserved

WO HAARE HUE LOG

हममें से बहुत से लोग अक्सर यह दावा करते हैं कि उन्होंने ज़िंदगी में जो चाहा वो पाया, जीवन के हर रंग को अपने अनुरुप चुना और उस रंग में ढल गए. ऐसे लोगों के अनुसार उनका जीवन परफेक्ट होता है जिसमें सपने , रिश्ते, सुख , सुविधाएं व सारी दुनिया उनकी अपनी होती है. जीवन उत्साह और रस से भरा होता है और वे निश्चिंतता से अपने मनचाहे जीवन में मग्न होते हैं.

अपनी ज़िंदगी से खुश होना अच्छी बात है, अपनी खूबसूरत ज़िंदगी पर इतराना भी अच्छी बात है परंतु अपनी सो कॉल्ड परफेक्ट ज़िंदगी को आधार बनाकर दूसरों की ज़िंदगी का मज़ाक बनाने वालों को अचानक नियति उठाकर एक ऐसी अनजान दुनिया में ला पटकती है जहाँ वे, वे नहीं रहते . उस वक़्त ऐसा लगता है जैसे वे अपना जीवन छोड़कर किसी और का जीवन जीने लग गए हों . दुनिया , रिश्ते सब पराए लगने लगते हैं. उत्साह , उमंग, रस सब कुछ खत्म हो जाता है.. परिस्थितियों के आगे वे सब हार जाते हैं.

उस वक़्त ही जीवन के असली रंग उनके सामने आते हैं कि कहाँ अपना मनचाहा जीवन जीने के रंगीन सपने संजोकर बैठे थे और अब खुद ही परिस्थितियों के इशारों पर नाचने को मजबूर हो गए और एक अनमने, उदासीनता से भरे जीवन जीने …

STAY FASHIONABLE WITH FASHION JEWELLERY

STAY  FASHIONABLE  WITH  FASHION  JEWELLERY

‘FASHION’  you  all have already  hear this word but do you ever think what does it stand for ???? fashion means being in style. Fashion is a  business of creating, promoting  or studying the latest styles but  style that provides comfort. The concept of fashion implies a process of style change, because fashions in dress, as well as in jewellery , furniture and other objects, have taken very different forms at different times in history. It basically includes  style in clothing, hair, Jewellery &  styling in your lifestyle.
Fashion reflects the society of which it is a part. It has been influenced by different culture, religion, and the arts. Individual personalities have also had an impact on fashion. French writer Anatole France said that if he could come back to Earth 100 years after his death and have only one thing to read, he would choose a fashion magazine because that would show him the way people lived.
Criteria of fashion :
Basical…

A Detailed Info. on Navratna by Swapnil Shukla

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