Wednesday, 16 May 2012

WO HAARE HUE LOG




हममें से बहुत से लोग अक्सर यह दावा करते हैं कि उन्होंने ज़िंदगी में जो चाहा वो पाया, जीवन के हर रंग को अपने अनुरुप चुना और उस रंग में ढल गए. ऐसे लोगों के अनुसार उनका जीवन परफेक्ट होता है जिसमें सपने , रिश्ते, सुख , सुविधाएं व सारी दुनिया उनकी अपनी होती है. जीवन उत्साह और रस से भरा होता है और वे निश्चिंतता से अपने मनचाहे जीवन में मग्न होते हैं.

अपनी ज़िंदगी से खुश होना अच्छी बात है, अपनी खूबसूरत ज़िंदगी पर इतराना भी अच्छी बात है परंतु अपनी सो कॉल्ड परफेक्ट ज़िंदगी को आधार बनाकर दूसरों की ज़िंदगी का मज़ाक बनाने वालों को अचानक नियति उठाकर एक ऐसी अनजान दुनिया में ला पटकती है जहाँ वे, वे नहीं रहते . उस वक़्त ऐसा लगता है जैसे वे अपना जीवन छोड़कर किसी और का जीवन जीने लग गए हों . दुनिया , रिश्ते सब पराए लगने लगते हैं. उत्साह , उमंग, रस सब कुछ खत्म हो जाता है.. परिस्थितियों के आगे वे सब हार जाते हैं.

उस वक़्त ही जीवन के असली रंग उनके सामने आते हैं कि कहाँ अपना मनचाहा जीवन जीने के रंगीन सपने संजोकर बैठे थे और अब खुद ही परिस्थितियों के इशारों पर नाचने को मजबूर हो गए और एक अनमने, उदासीनता से भरे जीवन जीने की त्रासदी सहनी पड़ रही है, जिसे प्राय: वे स्वीकार नहीं कर पाते और फिर शुरु होती है अपने मुँह पर पड़ने वाले तमाचों को छिपाने की जद्दोज़ेहद .

वो जो मनचाहा नहीं पा सके , उसे दूसरों ने पाया या नहीं , टटोलना चाहते हैं. ' ना '  सुनकर अजीब सा सुकून मिलता है , चाहे दिखाने के लिए दुख प्रदर्शित करें.  ' हाँ ' सुनकर दिखाने के लिए खुशी प्रकट करते हैं पर अंदर से खुद के लिए एक हाय, एक कसक उठती है और वे अपने दुख को सहलाते रह जाते हैं.

उनकी बोझिल पलकों के पीछे मन में कहीं एक कसक सी उठती रहती है कि आखिर वे हैं भी क्या ? हैं तो बस ' हारे हुए लोग '।



copyright©2012Swapnil shukla.All rights reserved

6 comments:

  1. such indeed are the ways of life....but u analyse it very beautifully :-) superb analysis

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    1. thanks mohit.... & keep writing such beautiful comments

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  2. definitely to be marked as A++++ grade

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  3. this blog of yours is a mirror of most of the people..... great analysis.

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  4. wow...lovely thoughts here.... keep writing ....
    shruti kapoor

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  5. yourr way of writing & expressing your views is just awesome
    -Geet Nigam

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